Monday, 12 May 2014

एक्टिंग स्कूल -

हेलो दोस्तो, आपको श्रेया का नमस्कार… फिर से आपके सामने पेश है एक लण्ड कठोरी फ़ुद्दी पिपासु कहानी !

यह कथा है मेरी सहेली जूली की ….

हम दोनों प्लस टू पास करके वूड्स एक्टिंग स्कूल में जाया करती थी।

बहुत दिनों से जूली नहीं आई, मालूम चला कि वो बीमार है तो मैं उसे मिलने चली गई।

मैं : जूली, तू कहाँ रहती है यार आजकल? एक्टिंग स्कूल भी नहीं आ रही?

जूली : कुछ नहीं यार ! बस अब नहीं जाना, वहाँ अच्छे लोग नहीं हैं !

मैं : क्यूँ? अब क्या हुआ … पिछले बार की तरह अब किसी ने तुम्हें छेड़ दिया?

जूली : इस बार तो उससे भी बुरा हुआ ..

मैं : अब यह मत कहना किसी ने तुम्हें चोद दिया?

जूली : बस ऐसे ही समझ लो … याद है उमराव जान वाला रोल? जो तुम्हें मिलने वाला था?

मैं : हाँ ! पर वो तो सर ने तुम्हें दे दिया था … मुझे तुम पर बहुत गुस्सा भी आया था… लेकिन हुआ क्या मेरी रानी?

जूली : तुम्हें तो पता है कि उस कहानी में कुछ डाकू उमराव जान को उठा कर ले जाते हैं?

मैं : हाँ ! और उसके साथ ज़बरदस्ती करते हैं … तो वो तो एक्टिंग है न यार?

जूली : हाँ एक्टिंग तो थी … सर का मूड ऑफ था ! उन्हें इस शो से बहुत उम्मीद थी, तो हमें देर रात तक प्रैक्टिस करनी थी।

मैं : अच्छा फिर ज़रा विस्तार से बता मेरी जानेमन !

जूली : देख मजाक उड़ाना है तो फिर जा … मत सुन !

मैं : अच्छा अच्छा सॉरी …बोलो भी अब?

जूली …. मैं देर रात तक वहीं थी, विक्की सुमित और करन डाकू बने थे .. वो मुझे उठा कर ले जाते हैं पीछे के मैदान में !

मैदान का दृश्य :

विक्की : देख यार जूली ! यह तो एक्टिंग है ! बस रिलैक्स रहना ! हम कौन सा तेरा रेप कर देंगे?

जूली : देखो, ज्यादा होशियार मत बनो ! मुझे तुम लड़कों का अच्छे से पता है !

सुमित : फिर बेहतर होगा कि तुम जाओ और किसी और को मौका दो… श्रेया तुमसे तो बहुत अच्छी एक्टिंग करती है !

जूली : ऐसी बात नहीं है, मैं बेहतर हूँ ….दिखने में भी और एक्टिंग में भी !

करन : ओ के ! देखते हैं … आगे के दृश्य में बिल्लू यानि सुमित ऊपर चढ़ कर तुम्हें मारेगा !

जूली : ठीक है ! पर मुझे ज्यादा छूना-वूना पसंद नहीं ….संभल कर !

सुमित : ऊपर चढ़ कर … (एक्टिंग) चल, अपने कपड़े उतार ! वरना ?

जूली : (एक्टिंग) तुम मेरे सारे गहने ले लो पर मुझे छोड़ दो !

विक्की : (एक्टिंग) गहने नहीं ! हमें तुम्हारी जवानी चाहिए !

सुमित : (एक्टिंग) यह ऐसे नहीं मानेगी… ले चलो इसे !

वो मुझे बगल के छोटे से कमरे में ले गए और मेरे लाख मना करने पर भी मेरे कपड़े उतार दिए… मैं सिर्फ ब्रा पैंटी में रह गई थी !

मैं : देखो, मुझे जाने दो ! मुझे पता है कि यह एक्टिंग नहीं है … वरना सर को बोल दूँगी !

करन : देखो जूली, सर ने ही हमें कहा है ऐसा करने को ! वरना तुम स्टेज पर खुल नहीं पाओगी !

मैं : जाने दो मुझे ! वरना मैं शोर मचाऊँगी।

तभी खान सर आ गए …

खान सर : शोर करना है तो फिर जाओ … जूली अगर मेरा यह शो फ्लॉप गया मैं सड़क पर आ जाऊँगा …

मैंने झट से अपने कपड़ों को उठाया और अपना वक्ष को ढका।

मैं : सर आप श्रेया को रख लीजिये .. मुझे कोई शौक नहीं ऐसा गन्दा शो करने का !

खान सर : कौन से मेरे शिष्य तुम्हारी इज्ज़त उतार रहे हैं? और तुम्हारे अंकल से ही पूछ कर हम तुम्हारे साथ ऐसा कर रहे हैं ! यकीन नहीं है तो पूछ लो ! ..करन बेटा, ज़रा इसके अंकल को फ़ोन लगाना …

अंकल : हेलो..

मैं : अंकल, ये लोग मेरे साथ …?

अंकल : अरे बेटा, यह तो एक्टिंग है … वास्तविक जीवन में हिरोइनें बनने के लिए लड़कियाँ न जाने क्या-क्या करती हैं !

मैं : मुझे नहीं करना यह सब …! मैं घर आ रही हूँ !

अंकल : ख़बरदार जो इस शो को छोड़ा तो .. देख बेटी, तेरी माँ बीमार है … दवाई दारू का पैसा कहाँ से आयेगा?

मैं : इसका मतलब मैं अपना शरीर बेच दूँ …आप मेरे दलाल हैं क्या?

अंकल : नीच … यह एक्टिंग है खान अंकल के चलते हमारा घर चलता है ! तेरा बाप तो तेरे पैदा होते ही किसी और के साथ भाग गया था …वो इस एक्टिंग के पूरी पन्द्रह हज़ार दे रहा है और देव साहब भी आ रहे है शो देखने ..हो सकता है तुम्हें छोटा मोटा फिल्म में रोल मिल जाये और हमारी किस्मत चमक जाये?

मैं : लेकिन अंकल ….

अंकल : देख बेटी तेरे ही तो सहपाठी है … एक्टिंग ही तो करनी है और कौन सा असली शो में तेरे कपड़े खुलेंगे .. यह प्रैक्टिस तो सिर्फ़ इसलिए कि तू शो में खुलकर एक्टिंग कर सके… अब चलो दो दिन तक मन लगा कर खान अंकल से एक्टिंग सीखो … बाय

खान सर : चलो अब तुम सुमित इसे ज़मीन में गिराकर एक ज़ोरदार किस करो !

सुमित मुझे जमीन पर लिटा कर मेरे गालों को चूमता है …

खान सर : साले किस मतलब जानता है…? होंठों पर दे चुम्बन … ठहर, मैं दिखाता हूँ ..

खान सर ने मेरी जांघों को पकड़ा और मेरे होंठों से होंठों को मिलकर मुझे चूमा …

एक एक करके तीनों ने उसी तरह प्रैक्टिस की .. सब मिलकर मुझसे सुख भोग रहे थे …

सर ने सुमित से कहा- अपने कपड़े खोलकर और सिर्फ अंडरवीयर पहन कर इसके ऊपर चढ़ कर घस्से मारो !

सुमित ने वही किया … मेरी जांघों को फैलाया और घस्से मारने लगा …

सर : ऐ कभी लड़की नहीं चोदी क्या ..? पता नहीं घस्से कैसे मारे जाते हैं …?

सुमित : नहीं सर ! अब तक मौका नहीं मिला … आज पहली बार किसी लड़की को इतने कम कपड़ों में देख रहे हैं !

विक्की : सर मैंने भी नहीं किया … और न ही करन ने किया !

सर : तुम तीनों की उम्र लगभग क्या होगी ?

विक्की : सर, इक्कीस साल !

सर : और तेरी लड़की ?

मैं : (अपनी जांघें सिकोड़ते हुए) सर, बीस साल !

सर : कमाल की बात है कि अब तक तुम सबने यौन भोग नहीं चखा …? चल तू अब है तो कम से कम इनको सारे कपड़े खोलकर तो दिखा … पीछे घूम ! पहले तेरी ब्रा उतारता हूँ …

मैंने वैसा ही किया … सर ने मेरी ब्रा उतार दी … और मेरे मम्मों पर हाथ फेरते गुए बोले- … एक एक करके छुओ !

मेरे बदन में जैसे एक बिजली सी दौड़ गई !

विक्की : सर कितना मुलायम चीज़ है …. चूसने को दिल कर रहा है !

सुमित (मेरे चुचूक अपनी उंगलियों में दबाते हुए) : सर अगर इसके अंगूर इतने प्यारे हैं फिर बुर कितनी अच्छी होगी !!

मेरी जांघों के बीच सरसराहट सी होने लगी थी …

सर ने मुझे खड़ा किया और मेरी पैंटी मुझसे पूछे बिना खोल दी … मैंने अपना चेहरा हाथों से छुपा लिया उस समय मुझे बहुत गन्दा लग रहा था, विक्की सुमित और करन ने एक एक कर मेरी बुर को छुआ और मुझसे एक बार सेक्स करने को कहा …

सर : तुम्हारी बुर तो कुंवारी लगती है? क्या आज तक कभी सेक्स नहीं किया?

मैं : नहीं सर … (मैंने झट से अपनी पैंटी और ब्रा पहन ली)

सर : चलो अब तुम तीनों अपने कमरे में जाओ .. क्या कहा सुना नहीं? यह कुंवारी बुर है … तुम जैसे नौसीखवा के हाथ लग गई तो फिर इस बुर का बुरा हाल हो जायेगा !

सुमित : मतलब सर?

सर : मतलब के बच्चे … नथ उतरना मामूली बात नहीं … बड़े ध्यान से कुंवारी बुर को मारा जाता है … चलो अब तुम तीनों अपने कमरे जाओ और आराम करो ..जूली को थैंक्यू बोलो जिसने अपने हुस्न और आबरु को तुम्हें दिखाया ….

तीनों चले गए … मैं भी पास वाले कमरे में जाने लगी … मेरा बुरा हाल था .. मेरे बुर से रस की धार बह रही थी ! न जाने क्या हो गया था मुझे … काश सर मान गए होते ! मुझे भी चुदने का पागलपन हो गया था … बावली हो गई थी .. मैंने फैसला कर लिया था आधी रात को मैं तीनों के पास अपनी काया-मर्दन के लिए जाऊँगी पर सर की बात खटक रही थी … नथ वाली बात …

तभी सर मेरे पीछे आ कर खड़े हो गए …

सर : क्यूँ बेटे, क्या हुआ …? पीछे से तुम बिल्कुल गीली हो गई हो … रिस रहा है क्या?

मैं : सर अब क्या छुपाना .. बहुत बेचैनी हो रही है …

सर : कोई बात नहीं ! होती है … आ जा … मेरे पास आ जा …

सर ने धीरे धीरे मेरे दोनों अधोवस्त्र दोबारा उतार दिए और अपने भी … मैंने पहली बार लण्ड देखा ! मोटा भूरा और आगे लाल टोपा … सर की उम्र कोई रही होगी कोई पचास की और कहाँ मैं अनछुई कच्ची कलि ?

सर : बेबी, इसे मुँह में लो .. चूसो …

मुझे एक बार चूसने के बाद उलटी आ गई ….तो मैंने मना कर दिया …

पर सर ने बड़े प्यार से मेरी बुर चाटी तो उसे कोई परेशानी नहीं हुई .. मैं मदहोश हो रही थी !

सर ने मेरी एक टांग उठाई ,,, मेरे गोलों, गोल गाण्ड को मला और एक ही झटके में लण्ड का भाला मेरी योनि में भोंक दिया …

सर : बस सांस लेती रहो ऊँचा ऊँचा ! और जाने दो और अन्दर ! अभी तो आधा सफ़र बाकी है …!

मैं : मैं मर जाऊँगी ! सर, निकाल दो …

सर : कुछ नहीं होता ! बस घस्से मारने दो … बहुत हसीन हो तुम … जवान कमसिन …

मैं : आह और मारो न घस्से सर ! नथ उतार ही दो … उनको भी बुला लो ना तीनों को ! … उनको भी मज़ा लेने दो …

सर यह सुनकर बहुत हे गुस्से में आ गए ….: क्यूँ बूढ़ा हो गया हूँ क्या मैं? … अरी, उनके जैसे कितनों के बराबर हूँ मैं आज भी … और तुझे बहुत गर्मी छाई हुई है ना? अभी बताता हूँ ….

सर ने मुझे उल्टा किया और झुका दिया … इससे पहले मैं कुछ समझती, सर ने मेरी गाण्ड में लण्ड डाल दिया।

मैं : आह सर ! नहीं इस…स एईई अह अह मैं मर जाऊँगी !

सर : यह ले साली ! यह ले … आज रात भर तेरी गांड मरूँगा … ठीक से चलने लायक नहीं रहेगी …

मैंने देखा कि मेरे गाण्ड और बुर दोनों से खून की एक धारा मेरी जांघों के बीच बह रही थी, मेरे मम्मों को सर निचोड़ रहे थे … दर्द के मारे बिहोशी छा रही थी … मेरी चीखें सुनकर तीनों करन, विक्की और सुमित आ गए …

सुमित ने किसी तरह सर को धकेला … विक्की ने जल्दी से मेरी बुण्ड और बुर को साफ़ करके मलहम लगाया और करन ने मुझे कपड़े पहनाये …

तीनों ने सर को बहुत पीटा और कभी भी एक्टिंग चूल नहीं आने की बात की और मुझे मेरे घर सही सलामत पहुँचा दिया।

जिन लोग को मैं बुरा समझी, वो कितने अच्छे निकले और अपने अंकल और खान सर को जिन्हें मैंने पूजा, वही दरिन्दे निकले !

श्रेया यानि मैं : लेकिन जो हुआ तेरी मर्ज़ी से हुआ .. मतलब सेक्स

जूली : कह सकती हो कि मैं बहक गई थी पर इस तरह से कोई करता है क्या ?

मैं : पर तू तो तीनों से सेक्स करनी की सोच रही थी, फिर कैसे करती?

जूली : पता नहीं था यार कि सेक्स इतना दुखदायी है !

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