Sunday, 2 February 2014

अविवाहिता खूबसूरत

अविवाहिता खूबसूरत 

मेरा नाम डिम्पल है उम्र 22 साल, अविवाहिता, खूबसूरत भी हूँ फिगर 34/30/34 है। मेरी कहानी सच्ची है मैं यह कहानी इसलिए लिख रही हूँ कि मेरा मन हल्का हो जाए क्यूंकि मैं जो आपको बताने जा रही हूँ वो मैंने आज तक किसी को नहीं बताया और मैंने सुना है कि मन में रखी कोई बात अगर आप किसी को बोल दो तो मन हल्का हो जाता है।

अभी मैं केन्या के नैरोबी शहर में अपने भाई के साथ रहती हूँ लेकिन मेरी कहानी आज से एक साल पहले भारत से है। मेरे परिवार में सिर्फ मैं और मेरी मम्मी दोनों भारत में रहते थे और एक बड़ा भाई जो कई सालों से केन्या में सेटल है।

कॉलेज छुट जाने के बाद मैं घर में अकेली बोर हो जाती थी तो भाई की अनुमति लेकर हुंडई कार के शो-रूम में जॉब ले लिया। मेरा काम था नए ग्राहक को कार बेचना। वैसे हमारा घर का खर्च भाई के भेजे पैसों से ही चलता था, लेकिन भाभी का स्वभाव थोड़ा ठीक नहीं है इसलिए बहुत कम पैसे आते थे तो मैं अपनी लाइफ स्टाइल को पूरी तरह से एंजॉय नहीं कर पाती थी। मुझे होटल में खाना–पीना घूमना, थियेटर में मूवी देखना बहुत पसंद है।

एक दिन शाम के वक़्त मैं स्किन टाइट जीन्स और सफ़ेद शर्ट पहन कर अपने केबिन में बैठी थी। तभी शोरूम में एक बिजनेसमैन आया। उनकी उम्र कुछ 40-42 की होगी, सूट पहना हुआ था, काफी अमीर दिखते थे। मैंने उनका स्वागत किया और कार के बारे में बताना शुरू किया।

जब मैं उनको कार के बारे में बता रही थी तब मैंने नोटिस किया कि उनका ज़्यादातर ध्यान कार से ज्यादा मेरे पर था। उनको टैस्ट-ड्राइव लेना था तो मैं उनको शोरूम से बाहर लेकर आई और उस लड़के को खोजने लगी जो कार के साथ ताइस्ट ड्राइव के लिए जाता था। लेकिन उस दिन वो जल्दी घर चला गया था तो मुझे मजबूरन उनके साथ जाना पड़ा।

मैं बगल वाली सीट पर बैठ गई और उन्होंने कार स्टार्ट कर दी। मैंने उनको सीट बेल्ट के लिए बोला, मैं भी अपनी सीट बेल्ट बांधने लगी लेकिन बंध नहीं रहा था तो उन्होंने अपनी सीट पर बैठे बैठे थोड़ा झुककर मेरी हेल्प की तो अनजाने में उनके हाथ मेरी बड़ी बड़ी चूचियों से छू रहे थे, मेरे पूरे शरीर में एक अलग सा रोमांच होने लगा था।

मैंने कुछ भी नहीं कहा फिर भी उनको इस बात का अहसास हो गया, उन्होंने मुझे सॉरी बोला।

मैंने कहा- नो प्रोब्लम सर !

फिर उनकी हिम्मत और बढ़ गई तो मेरे बारे में पूछने लगे- कब से जॉब कर रही हो, कहाँ तक पढ़ी हो, कितना सेलरी मिलता है?

फिर उन्होंने कहा- अगर तुम्हें ज्यादा सेलरी चाहिए तो मेरा ऑफिस जॉइन कर सकती हो !

मैंने थेंक्स बोला, अब वो मुझे पटाने के चक्कर में थे, मैं भी यही चाहती थी तो उनको सपोर्ट करने लगी थी। उन्होंने कार लेने के लिए फाइनल किया तो मैंने उन्हें दस हजार का और फायदा करवा दिया। उन्होंने लाल रंग पसंद किया था तो मैंने कहा- आपकी कार की डिलिवरी में चार–पाँच हफ्ते लगेंगे।

उन्होंने ओके कहा और मेरा सेल नंबर मांगा। मैं अपना पर्सनल नंबर किसी को नहीं देती लेकिन न जाने क्यों उनको दे दिया।

दो चार दिन के बाद वो फिर से आ गए, मैं ऑफिस से छूटकर बाहर निकल रही थी, उन्होंने मुझे देख लिया। मैं बस स्टॉप पर जा रही थी तो मेरे पास आकर पूछने लगे- आपका मोबाइल क्यूँ नहीं लग रहा है?

मैंने कहा- पानी में गिरने की वजह से बंद हो गया है, एक दो दिन में नया ले लूँगी।

उन्होंने मुझे पूछा- अगर आप बुरा न मानो तो मैं आपको ड्रॉप करना चाहूँगा।

मैंने कहा- मैं बुरा नहीं माँनूगी लेकिन मैं बस में चली जाऊँगी।

उन्होंने कहा- आप बुरा मान गई !

मैं हंसने लगी और उनकी कार में बैठ गई। उन्होंने कार स्टार्ट कर दी और मुझे पूछने लगे- आपने मुझे दस हजार का फायदा करवाया है, क्या मैं आप के लिए गिफ्ट ले सकता हूँ?

मैंने कहा- नहीं, मैं आपका गिफ्ट नहीं ले सकती !

थोड़ी देर बात करते करते मेरा एरिया आ गया तो मैंने कहा- आप मुझे यहाँ छोड़ दीजिये, मैं यहाँ से पैदल चली जाऊँगी।

उन्होंने कहा- आप बुरा मान गई !

मैंने स्माइल किया और बोला- बिल्कुल नहीं ! मैं इसलिए यहाँ से पैदल जा रही हूँ क्योंकि अगर मुझे आपकी कार में कोई देख लेगा तो क्या सोचेगा।

उन्होंने कहा- तो एक आइसक्रीम तो साथ में खा सकते हैं?

मैंने कहा- ठीक है !

हम दोनों ने आइसक्रीम खाई और चल दिए।

दूसरे दिन वो बस स्टॉप पर कार लेकर मेरा इंतजार कर रहे थे, जब मैं वहाँ पहुँची तो मेरे पास आए और बोलने लगे- मेरा ऑफिस से छूटने का टाइम और आपका एक ही है तो सोचा आपको भी साथ में ले चलूँ। मुझे एक खूबसूरत लड़की की कम्पनी मिल जायेगी !

मैंने मन में सोचा कि बस की भीड़ में जाने से अच्छा है एसी वाली कार में चला जाए और वैसे भी मेरे से दोगुनी उम्र के हैं, कोई देख लेगा तो भी क्या बात करेगा। यह सोचकर मैं मना करते करते बैठ गई। थोड़ी देर के बाद उन्होंने एक गिफ्ट पैकिंग किया हुआ एक बॉक्स मेरे हाथ में दे दिया और कहा- मेडम आपका गिफ्ट !

मैंने मना किया लेकिन उन्होंने अपनी कसम दे दी। मैंने गिफ्ट खोला तो नोकिया का बहुत मंहगा मोबाइल था। मैं मना करने लगी लेकिन वो नहीं माने !

मैंने उन्हें थैन्क्स बोला तब उन्होंने कहा- सिर्फ थेंक्स? और कुछ नहीं?

मैंने कहा- और क्या चाहिए?

तो वो बोले- जो चाहिए वो मिलेगा?

मैं उनका मतलब समझ गई, मैं भी उनके साथ सोने के सपने देख रही थी लेकिन थोड़े नखरे करने पड़ते हैं, इसलिए मैंने कहा- मैं कोई ऐसी वैसी लड़की नहीं हूँ।

तो उन्होंने कहा- मैं भी एक बहुत बड़ा बिजनेसमैन हूँ, परिवार वाला हूँ, तुम्हें कोई नुकसान नहीं करूँगा, मैं तुम्हारे साथ सिर्फ़ लाइफ एंजॉय करना चाहता हूँ, हम कभी यौनसंबंध नहीं करेंगे।

मैंने मन में बोला कि मैं तो सिर्फ वही चाहती हूँ, उतने में मेरा घर आ गया तो मैं बाय बोलकर चली गई। घर जाकर मैं मोबाइल में अपना सिमकार्ड डालकर चेक कर रही थी तो मैंने देखा कि मेमरी कार्ड पहले से ही भरा पड़ा हुआ है और उसमें सिर्फ सेक्स वाले वीडियो और फोटो थे।

मैंने सारे वीडियो देख लिए। अब मैं समझ गई कि वो भी मुझसे सेक्स चाहते हैं लेकिन बोलने से डरते हैं।

फिर वो रोज मुझे अलग अलग बहाने बनाकर फोन करते थे लेकिन बोल नहीं पाते थे। रोज रोज बातें करने से मैं उनके काफी नजदीक आ चुकी थी। थोड़े दिन के बाद आज उनकी कार की डिलिवरी थी, वो मेरे लिए खास स्वीट का बॉक्स लेकर आए थे। जब छूटने का टाइम हुआ तो मैंने सोचा- आज नई कार ली है तो शायद मुझे लेने नहीं आएँगे लेकिन मैं गलत थी, आज भी वो बस स्टॉप पर नई कार के साथ मेरा इंतजार कर रहे थे।

मैंने दूर से ही देख लिया और उनको उकसाने का प्लान बना लिया। मैंने जानबूझकर मेरे शर्ट का एक बटन खोल दिया ताकि उनको मेरी चूचियाँ दिखें। मैंने कार के पास आकर उनको हाय कहा, उन्होंने दरवाजा खोला और मैं बैठ गई। मैंने उनको नई कार के लिए बधाई दी, उन्होंने थैंक्स बोला और मेरे वक्ष पर देखने लगे, बार बार नजर घुमा कर वो मेरी चूचियों को देख रहे थे, मैं अनजान बनकर उनसे बातें कर रही थी।

उन्होंने एक होटल के सामने कार रोक दी और मुझे पूछा- क्या हम साथ में डिनर कर सकते हैं अगर तुम्हें देर न हो रही हो तो?

मैंने उन्हें हाँ बोल दिया क्यूँकि माँ रोज शाम को आसपास किसी के घर बैठने चली जाती थी और देर से आती थी।जब कार से उतरने के लिए दरवाजा खोलने वाली थी, तब उन्होंने मुझे रोक लिया और अपने हाथ से मेरे शर्ट का बटन बंद करने लगे और बोले- मेरी जान, ये पब्लिक के लिए नुमाइश की चीज नहीं हैं।

मैंने अनजान बनकर शर्म के मारे अपना मुँह छुपा लिया और सौरी बोला। अब उनकी हिम्मत और बढ़ गई, उन्होंने हल्के हाथों से मेरे एक उरोज को दबा दिया। अब मैं पागल हो चुकी थी उनसे चुदवाने के लिए !

हमने होटल में खाना खाया और वापिस कार में आ गये। मैंने उनको पूछा- बटन बंद करने के बाद आपने मेरी छाती पर हाथ क्यूँ घुमाया था?

उन्होंने मुझसे पूछा- अच्छा नहीं लगा?

मैंने कहा- अच्छा लगा, लेकिन यह गलत है।

उन्होंने कहा- अच्छा लगा हो तो कल मेरे साथ मेरा फार्म हाउस देखने चलोगी?

मैं समझ गई कि अब वो पूरा प्रोग्राम करना चाहते हैं। मैंने भी हाँ कर दी।

उन्होंने कहा- कल सुबह जॉब पर मत जाना, मैं तुम्हें दस बजे लेने आऊँगा...

दूसरे दिन मैं काली ब्रा, लाल पेन्टी, जीन्स और एक स्किन टाइट टीशर्ट पहनकर और अच्छी तरह से लिपस्टिक पाउडर परफ्यूम लगा कर उनके फोन का इंतजार करने लगी।

थोड़ी देर में उनकी कार आ गई, मैं अंदर बैठ गई तो मुझे देखकर उन्होंने कहा- आज तो तुम पटाका लग रही हो और स्किन टाइट टी शर्ट में तुम्हारी चूचियाँ और भी बड़ी दिख रही हैं।

मैंने थेंक्स बोला...

लगभग 20 किलोमीटर कार चलने के बाद उनका फ़ार्महाउस आ गया। काफी बड़ा फ़ार्महाउस था।

जब हम अंदर आ गये तो उन्होंने दरवाजा अंदर से बंद कर दिया और सीधा आकर मुझे चिपक गये और मेरे कंधों पर, गले पर चुम्बन करने लगे।

मैंने कहा- सर, आप क्या कर रहे हो?

उन्होंने कहा- डिम्पल तुम मुझे बहुत अच्छी लगती हो, आज मना मत करना !

उन्होंने मेरे लिए एक सोने का चेन निकाली और मुझे पहनाने लगे। अब मैं उनके अहसान के तले डूब चुकी थी, मैंने भी अपने दोनों हाथ उनके गले से लिपटा लिए और उनके होंठों पर अपने गुलाबी होंठ रख दिए। वहाँ खड़े खड़े पाँच मिनट तक हम एक दूसरे को चूमते रहे। बाद में उन्होंने मुझे बाहों में उठा लिया, बेडरूम में ले गये और धम्म से बेड पे पटक दिया और मेरे ऊपर लेट गये।

ज्यादा उम्र होने की वजह से वो बुरी तरह हांफने लगे।

मैंने पूछा- क्या हुआ सर, आप ठीक तो हो ना?

उन्होंने बताया- अब वो जवानी वाला दम नहीं रहा डीयर !

मैंने कहा- कोई बात नहीं सर, आज मैं आपको जन्नत की सैर कराऊँगी।

मैंने फ्रिज से ठंडा पानी निकाल कर दिया और पूछा- अब कैसा लग रहा है?

उन्होंने बोला- अगर पानी की जगह तुम्हारा दूध पिलाती तो जवानी वापिस आ जाती !

मैंने कहा- आ जाओ मेरे मुन्ना !

मैं बिस्तर पर अपने दोनों पैर लम्बे करके बैठ गई और अपनी टीशर्ट निकाल दी। अब मैं उनके सामने सिर्फ ब्रा और जीन्स पहन कर बैठी थी, वो मेरी बड़ी बड़ी आधी खुली चूचियों को देख कर ब्रा के ऊपर से ही दोनों हाथों से दबाने लगे और अपने हाथों से ब्रा के हुक खोल दिए।

अब मेरी चूचियाँ उनके सामने बिल्कुल आज़ाद थी, वो दोनों हाथों से दबाते हुए बोले- आज तक ऐसी गोरी गोरी बड़ी और टाइट चूचियाँ मैंने कभी नहीं देखी।

मैंने कहा- ये तेरे लिए हैं मेरे मुन्ना, आ जा और और उसका दूध पी ले !

उन्होंने छोटे बच्चे की तरह मेरी गोदी में अपना सिर रख दिया, मैंने अपने एक स्तन उनके मुँह में दिया, वो एक को दबा रहे थे, दूसरे से दुग्धपान कर रहे थे।

मैं अपने एक हाथ उनके कम बाल वाले सिर पर और दूसरा हाथ उनकी पीठ पर सहला रही थी और गाल पर चुम्बन कर रही थी। फुल एसी होते हुए भी उनको पसीना आ रहा था, वो पूरे मोम्मे को अपने मुँह में लेने की कोशिश कर रहे थे लेकिन बड़ा होने की वजह से जा नहीं रहा था तो ज़ोर ज़ोर से चूसने लगे।

मेरे मुँह से आहें निकल रही थी- आह ! आह !

कभी कभी मैं झुककर उनके गालों को चूम लेती, मेरे से थोड़ी कम उम्र वाली उनकी एक बेटी और एक छोटा बेटा था लेकिन आज मैं उनको अपना बच्चा बनाकर मेरा स्तनपान करवा रही थी।

मैंने धीरे धीरे उनके शर्ट के सारे बटन खोल दिये और उनका लोड़े को पैन्ट के ऊपर से सहलाने लगी। धीरे धीरे पैन्ट का बटन खोल दिया। वो खड़े हो गए और अपनी पैन्ट, शर्ट निकाल दिया और मेरी जीन्स खोलने लगे। मेरी पेन्टी को देखकर और उत्तेजित हो गए। उनके कच्छे में खड़ा लोड़ा मुझे दिख रहा था।

वे मेरी गोरी गोरी जांघों को सहलाने लगे और चूमने लगे। अब हम दोनों सिर्फ एक एक वस्त्र पहने हुए थे। मैंने उनको बेड पर लेटा दिया और उनके छाती से मेरे दोनों मोम्मे चिपका कर उनके होठों पर किस करने लगी, उनके दोनों गालों पे, कानों पे उनकी छाती पे जहाँ छोटे छोटे सफ़ेद बाल थे, वहाँ जीभ घुमाने लगी।

चूमते चूमते उनके खड़े हुए लोड़े तक पहुँच गई और अन्डरवीयर निकाल दिया। अब उनका लोड़ा मेरे सामने था, मैंने लोड़े पे हल्का सा किस किया और जीभ से चाटने लगी !

जब मैं चाट रही थी तब वो देखने के लिए वो कमर से सीधे हो गए और अपना पीठ तकिये से चिपका कर मुझे लण्ड साथ खेलते हुए देखने लगे। मैं उनका लोड़ा मुँह में लेकर चूसने लगी। उनको बहुत मजा आ रहा था, उन्होंने सिगार जलाया और कस खींचने लगे। मैं पूरा लण्ड मुख में लेकर चूसने लगी।

उसके बाद उन्होंने मुझे ऊपर अपनी ओर खींचा और सिगार का धुआँ मेरे मुँह पर फ़ूँका और मुझे कश मारने को कहा। यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं।

मैंने एक कश मारा और उनके मुँह पर धुआँ फेंका। सिगार खत्म होते ही मुझे नीचे लिटाकर मेरी लाल पेन्टी को निकाल दिया और मुझे पूरी नंगी कर दिया। अब वो मेरी चूत को अपने हाथों से सहेला रहे थे, उसमें उंगली डालकर मुझे और उत्तेजित कर रहे थे और अपनी जीभ से चाट रहे थे।

मेरे मुँह से आह ! आह ! की आवाज़ें निकल रही थी !मेरी चूत का सारा पानी वो पी गए और अपना खड़ा हुआ लण्ड उसपर रख दिया धीरे धीरे पूरा लण्ड मेरी चूत में घुसा दिया।

मैं बोलती रही- सर प्लीज, धीरे धीरे करो !

लेकिन वो थोड़े न सुनने वाले थे, आज एक जवान चूत जो उनको मिल गई थी। वो ज़ोर ज़ोर से झटके मार रहे थे और मैं 'सर प्लीज ! मैं मर गई ! सर प्लीज ! धीरे धीरे करो !' ऐसा उनको रिक्वेस्ट कर रही थी।

वो झटके पर झटके मार रहे थे लेकिन थोड़ी देर वो में थक गये और सांस फूल जाने की वजह से वो हांफने लगे तो मैंने उनको अब नीचे लिटा दिया और मैं उनके ऊपर आ गई, वो मेरे मोम्मे दबाने लगे।

मैंने उनका लोड़ा फिर से चूत में डाल दिया, अब मैं चूतड़ उठा उठा कर झटके मारने लगी लेकिन थोड़ी देर में वो मुझे 'प्लीज डिम्पल धीरे धीरे करो ! ऐसा रिक्वेस्ट करने लगे।

उनको लोड़े पर दर्द हो रहा था लेकिन मैंने सुना अनसुना किया और झटके मारती गई। मुझे आज पूरी तरह से अपनी चूत संतुष्ट करना था तो मैंने उनकी दया नहीं की, चुदने का पूरा मजा लूटने लगी।लेकिन थोड़ी देर में उन्होंने कहा- मैं पानी छोड़ने वाला हूँ ! प्लीज निकाल दो !

तो मैंने अपनी चूत से उनका लण्ड बाहर निकाल दिया। उन्होंने खड़े होकर मेरे दोनों मोम्मों पर अपना वीर्य छोड़ दिया और मुझे कहा- इसका टेस्ट करो !

मैंने उनका मान रखने के लिए एक बूंद उंगली पर लेकर अपनी जीभ पर रखा और पी गई।

फिर हम दोनों ने साथ में शावर लिया, मैंने उनको साबुन लगाया, उन्होंने मुझे साबुन लगाया और बाथरूम में उन्होंने फिर एक बार खड़े खड़े मुझे चोद लिया। जब ऊपर शावर का पानी गिरता हो और उसके नीचे खड़े खड़े चुदने का बहुत मजा आता है।

फिर हम दोनों ने कपड़े पहने और घर जाने के लिए तैयार हो गये।

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