Friday, 24 January 2014

मैं कोई काम मुफ़्त में नहीं करता

मैं कोई काम मुफ़्त में नहीं करता

मेरा नाम राज है,

तो बात एक महीने पहले की है जब मुझे पैसों की जरूरत थी, मैं काम की तलाश में यहाँ वहाँ भटक रहा था।

एक बार रात के करीब दो बजे रेलवे स्टेशन पर मैं गाड़ी की राह देख रहा था, एक कोने में बैठा था, तभी एक औरत आई और मुझसे पूछा- कहा जाओगे?

मैंने कहा- मुझे गुजरात जाना है, गाड़ी का इंतजार कर रहा हूँ, आपको कहाँ जाना है?

तो उसने बताया- मैं कहीं नहीं जा रही, मुझे तो किसी का इंतज़ार है।

थोड़ी देर बाद वो बोली- अकेले हो?

मैं- हाँ !

फिर वो बोली- मेरे साथ चलोगे?

मैं- कहाँ?

तो उसने बताया- सेक्स करने !

मैं उसकी ओर देखता ही रह गया। फिर मैंने सोचा कि अच्छा मौका है पैसे कमाने का, मैंने कहा- मैडम मैं कोई काम फ्री में नहीं करता। तो उसने कहा- अगर तुम मेरे सेक्स गुलाम बनो तो?

तो मैंने उसे हाँ कहा और कहा- मैं पैसों के लिए कुछ भी कर सकता हूँ !

फिर उसने कहा- तो चलो फिर !

हम स्टेशन से निकले और वो मुझे एक कार तक लेकर गई और मुझे उसमें बैठने को कहा।

हम निकल पड़े और फिर थोड़ी देर बाद गाड़ी एक होटल पर रुकी। हम होटल में गये, उसने एक रूम लिया, हम रूम में गये और फिर उसने अपनी साड़ी उतार दी, मुझे अपने पास बुलाया और बाहों में लेकर मुझे चूमने लगी। फिर मेरी कमीज़ उतार दी, मैंने उसके मुलायम होठों पर अपने होंठ रख दिए और उसे चूमने लगा, उसके होठों का रस पीने लगा।

फिर उसने मेरी पैंट के ऊपर से ही मेरे लण्ड को अपने हाथ ले लिया और उसे दबाने लगी। मैं उसके चूचे दबाने लगा।

और फिर उसने नीचे बैठ कर मेरी पैंट खोली और मेरे लण्ड को अपने मुख में ले लिया और चूसने लगी।

मैं उसके बाल पकड़ कर अपने लौड़े से उसका मुखचोदन करने लगा, और वो भी साथ देने लगी। फिर उसने मेरे कूल्हों पर अपने दोनों हाथ रखे और मेरे लण्ड को पूरा अपने मुख में लिया और जी भर कर चूसने लगी और फिर दस मिनट चूसने के बाद उसने अपने कपड़े उतारे। मेरे सामने अब वो पूरी नंगी थी, उसे देख कर मैं पागल सा हो गया। क्या बदन था साली का !

मेरा लंड अब सलामी देने लगा पर उसने मुझे नीचे बिठाया, अपना एक पैर बिस्तर पर रखा और मेरे सिर को पकड़ कर मुझे अपनी चूत चाटने को कहा।

मैंने उसकी चूत में जैसे ही अपनी जीभ डाली, उसने मेरा सिर ज़ोर से पकड़ कर अपनी चूत में दबाया और मैं उसकी चूत के होठों को अपने दांतों तले चबाने लगा। वो पागलों की तरह मेरे बालों को पकड़ कर अपनी चूत पर मेरे मुँह को रगड़ने लगी।

मैंने 5-7 मिनट तक उसकी चूत को चाटा, फिर उसने मुझे उठाया और अपने उरोज मेरे मुँह में रखे, मैं अपने दांतों तले उसकी छोटी छोटी काली काली निप्पल को चबाने लगा।

वो अब ज्यादा गर्म हो गई। फिर उसने मेरे लण्ड को थूक लगाया और मुझे अपने ऊपर चढ़ाया और मेरे लंड को पकड़ कर अपनी चूत पर रखा, मैंने ज़ोर से धक्का मारा तो आधा लंड घुस गया और वो चिल्ला उठी।

मैंने कहा- क्या हुआ?

तो कहने लगी- पिछले दो महीनों से चुदी नहीं मैं ! मैं प्यासी हूँ, मेरी प्यास बुझा दो !

फिर मैंने कहा- तुम चिंता मत करो, आज मैं तुम्हारी प्यास बुझा कर रहूँगा।

फिर मैंने ज़ोर से दूसरा धक्का मारा और पूरा लंड उसकी चूत में चला गया। वो मेरा साथ देने लगी, हम दोनों ज़ोश में आ गये। मैं ज़ोर जोर से शॉट मारने लगा और वो उछल उछल कर मेरा साथ देने लगी।

फिर करीबन बीस मिनट चोदने के बाद उसने मेरा लंड मुँह में लिया। मैंने उसकी चूत पर मुंह लगाया, वो मेरा लंड चूसने लगी और मैं उसकी चूत चाटने लगा।

हम 69 पोजीशन में आ गये। फिर कुछ देर बाद वो घोड़ी बन गई, मैंने उसके पीछे से अपना लंड डाला और चोदने लगा। वो भी मजे से मेरे साथ झटके मार रही थी।

मैं अब झड़ने वाला था, मैंने उसे बताया कि मैं झड़ने वाला हूँ तो उसने कहा- मेरे मुँह में अपना वीर्य दो !

मैंने उसकी चूत में से अपना लण्ड निकाल कर उसके मुँह में दिया और उसने सारा वीर्य अपने मुँह में ले लिया और फिर उसने अपनी चूत मेरे मुँह में रख कर मेरे मुँह में अपनी चूत का सारा पानी छोड़ा।

थोड़ी देर बाद वो उठी और दोबारा मेरे लंड को चूसने लगी। उस रात मैंने उसको तीन बार चोदा। सुबह दस बजे हम उठे और उसने जाने से पहले मुझे दस हज़ार रुपए दिए और मेरा मोबाइल नंबर लिया। फिर मैंने बाहर आकर फ़ैसला किया कि अब मैं एक ही काम करूँगा, प्यासी औरतों की प्यास बुझाऊँगा और पैसे कमाऊँगा।

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