Friday, 17 May 2013

मैं, मेरी सहेली और वो - Mai Meri Saheli Aur Vo

मैं, मेरी सहेली और वो - Mai Meri Saheli Aur Vo

मैं एक पंजाबी लड़का हूँ और मेरा नाम राजीव है। मेरी उम्र चौबीस साल है, एक अच्छे घर से हूँ। मेरा रंग गोरा, मेरी लम्बाई 5'8" है और सुंदर हूँ। मेरे दोस्त कहते है कि मैं किसी मॉडल से कम नहीं ! यह कहानी तब की है जब मैं कॉलेज में पढ़ा करता था। मैं ट्यूशन पढ़ा करता था जहा कई लड़कियाँ और लड़के पढ़ते थे। वहाँ एक लड़की जिसका नाम मीनू था, मुझे बहुत सुंदर लगती थी। वहीं पर हम एक दूसरे के पास पास आ गए। हम एक दूजे को मिलने लगे। अब यहीं से मेरी असली कहानी शुरू होती है!

बात बहुत बढ़ चुकी थी, एक दूसरे को पसंद करने लगे। मैं और मेरी सहेली छुप कर मिला करते थे। हमने पहली बार एक दूसरे का चुम्बन किया। हम एक थिएटर में मूवी देखने गए जिसका नाम 'हम तुम' था ! उसके बाद हमने बहुत बार सेक्स किया और उसकी तसल्ली भी करवाई। हम दोनों कई बार दो दिन तक साथ रहे। हम दोनों में कुछ भी छुपा नहीं था। अकले में हम पति पत्नी की तरह रहते थे।

एक बार वह अपनी सहेली हरलीन के साथ आई। हरलीन एक सुंदर पञ्जाबी लड़की थी। उसके बाद हम तीनों बहुत बार साथ साथ मिले। अगर मीनू के घर कुछ प्रॉब्लम होती तो वह अपना संदेश हरलीन को दे देती और हरलीन मुझे कॉल कर देती, जिसके कारण हरलीन मेरे साथ काफी खुल चुकी थी। मुझे कई बार एहसास हुआ कि हरलीन भी मुझे मन ही मन चाहती है। वह मुझे फ़ोन करती, एस एम एस तो हर रोज किसी न किसी तरह जरूर करती ! कई बार वह मुझे अश्लील एस एम एस भी कर देती ! वो मेरे सामने कुछ ना कुछ ऐसा करती थी कि मेरा लण्ड खड़ा हो जाता था। वो शरीर में भरी पूरी थी और बदन गदराया हुआ था। उसके सुडौल स्तन बहुत ही मनमोहक थे और थोड़े भारी थे। मुझे उसके बोबे और मटके जैसे चूतड़ बहुत अच्छे लगते थे।

एक बार मुझे हरलीन का फ़ोन आया और कहा- मुझे आपसे कोई जरुरी काम से मिलना है। यह बात मीनू को मत बताना और हम मीनू को एक सरप्राईज़ देंगे !

उसने मुझे एक होटल में मिलने को बुलाया। हम दोनों एक पॉइंट पर मिले, मैने उसे वहाँ से लिया और होटल में चले गए। उस दिन उसने जींस-शर्ट पहनी हुई थी। मैं उसे देख कर दंग रह गया और उसके साथ सेक्स के लिए सोचने लगा।

शायद वह मेरे से भी ज्यादा बेताब थी। दरवाजे की कुण्डी लगते ही मुझे उसने बाहों में ले लिया और आइ लव यू ! बोलने लगी।

और इससे पहले कि मैं कुछ बोलता, वो अपने होंठ मेरे होंटों पर रख कर चूमने लगी। मैं भी गर्म हो चुका था। फिर मैं उसको उठा कर बिस्तर पर ले गया और पहले उसके होंटों को बहुत प्यार से चूमा, उसके बाद उसके गालों को खूब चूमा। धीरे धीरे हम दोनों पूरे नग्न हो गए। मैं उसके स्तनों को चूम रहा था और वो पागल हो रही थी। उसने मेरे बालों को जोर से पकड़ा हुआ था और जोर जोर से बोल रही थी- डाल दो अन्दर !

लेकिन मैं कहाँ मानने वाला था, चूमता हुआ मैं उसकी चूत पर आ गया, जो शेव की हुई थी बिल्कुल गुलाब की पंखुरी की तरह, और चूमने लगा। उसने अपनी टाँगें खोल ली थी और चिल्ला रही थी- जान फाड़ दो ! मुझे आज पता चला मीनू तुम से इतनी खुश क्यों रहती है !

मैं उसकी चूत चाट रहा था। फिर मैंने अपना लण्ड उसके मुँह में दे दिया। वो उसको पागलों की तरह चूस रही थी।

फिर मैंने अपना लंड उसकी फुद्दी में डाल दिया और झटके देने लगा। इसी बीच उसका पानी छूट गया पर मैं झटके दे रहा था। थोड़ी देर बाद मैं भी शांत हो गया।

हमने लगभग दो घंटे तक सेक्स किया और फिर उसने मुझे जबरदस्ती 1500 रुपए दिए और कहा- मीनू को मत बताना कि हम मिले थे !

यह मुझे बाद में उसी ने बताया कि वो एक बहुत आमीर खानदान से है। उसके बाद उसने कई बार मुझे अपने घर भी बुलाया। हमने वहाँ जमकर मस्ती की।

उसके बाद मैं काल-बॉय की तरह काम करने लगा और कई तरीकों से नए शिकार खोजने लगा। मैंने कई भाभियों को भी खुश किया है जो अपने पति से खुश नहीं होती, पूरी पूरी रात मजे किये !

मुझे जरूर बतायें कि मेरी कहानी आप को कैसे लगी। मुझे इस पर मेल करें

sex.with@yahoo.in

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