Thursday, 23 May 2013

गुरु का सम्मान!

एक बार एक बच्चा अपने मास्टर जी के लिए दूध लेकर आया।

बच्चा: मास्टर जी मैं आपके लिए दूध लाया हूँ पी लीजिये।

मास्टरजी दूध पीने के बाद," वाह बेटा बड़ा स्वादिष्ट दूध था कहाँ से लाया?"

बच्चा: घर पर ही पडा था मास्टर जी बिल्ली मुंह मार गयी थी तो सोचा आपको ही पिला दूँ।

मास्टर गुस्से में बोला,"तेरी माँ का लौड़ा भोंसड़ी के", और यह कहकर मास्टर ने दूध का डिब्बा फेंक दिया।

बच्चा गुस्से में, " बहन के लोडे मास्टर डिब्बा क्यों फेंका? मादरचोद सुबह हमको इसे लेकर टट्टी भी जाना होता है।

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