Friday, 17 May 2013

प्रेस वाले से गांड मरवाई -



हर रोज़ की तरह मैंने अपना आईडी खोला और चैट करने लगा। अपने कमरे का दरवाज़ा बंद करके कंप्यूटर ऑन किया। पता नहीं किस तरह मुझसे लॉबी का दरवाज़ा लाक नहीं हुआ। मुझे नहीं पता था कि मॉम ने कपड़े प्रेस करने दिये हैं। आज तक उस समय पर कभी कोई नहीं आया था। मेरे नेटफ्रेंड जो कि मुझे अन्तर्वासना से ही मिला है, मुझे कहा कि साइबर-सेक्स कर ! अपनी शर्ट उतार !

मैंने किया, उसने कहा- अपने मम्मे दिखा और दबा !

मैंने किया, उसने कहा- अब अपनी गांड दिखा ज़रा !

उसके कहने पर मैंने सब कुछ उतार दिया, उसको वेबकैम पर अपनी गोरी गोल गांड दिखाने लगा।

मैं अब उसका खडा लंड देख कर मचल गया, होश खो दिया।

उसने बोला- चल गांड में कुछ डाल के दिखा !

उसके कहने पर मैंने फ़्रिज से मूली निकाली और डालने लगा। वो मुझे देख देख मुठ मार रहा था। कमरे में पूरा शबाब था, गर्मी थी, मेरा जिस्म लंड की चाहत में मचलने लगा।

प्रेस वाले ने काफी आवाजें लगाई, थक-हार के वो अन्दर चला आया, क्यूंकि वो पिछले दस साल से यहाँ काम करता था।

मैं अपने वेबकैम में मग्न था, दरवाज़े की तरफ मेरी पीठ थी। अचानक किसी का हाथ मेरी गांड पर रेंगा। मैं एक दम घूमा, उसको देख मेरे रंग उड़ने लगे। जल्दी से अंडरवियर पकड़ा। उसने छीनते हुए फेंक दिया और मेरी गाण्ड सहलाने लगा।

मैं क्या कहता, फ़िर वो बोला- मूली की क्या ज़रुरत है सनी ? कह दिया होता तो मेरा भी सरता जाता और तेरा भी !

मैं कुछ सामान्य हुआ और खुद ही उसके लंड को जिप खोल कर बाहर निकाल लिया। सोया हुआ सांवले रंग का मस्त लंड मेरे सामने था। पहले मैंने उसका हाथ से जायजा लिया और अपने होंठ उस पर टिका दिए और चूमते हुए उसके लंड को मुँह में डाल लिया। उसने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि कभी उसका लंड भी कोई चूसेगा। उसको उम्मीद ही नहीं थी ! मुँह में डलवाते ही वो पागल होने लगा। देखते ही देखते उसका बम्बू घाट तन कर हिलने लगा। काफी बढ़िया लंड था उसका !

मैंने चुस्कियाँ ले ले कर उसका लंड चूसना शुरु कर दिया। वो मेरे बालों को सहलाने लगा। चूसते हुए मैंने उसकी पैन्ट खोल दी और पूरी तरह से नंगा करके चूसना जारी रखा। मेरे एक एक चूपे के साथ उसकी आंखें बंद होने लगी। उसने एकदम से मुझे बिस्तर पर पटका और मेरे ऊपर सवार हो गया। मेरे गुलाबी होंठो को चूसने लगा, मेरे गालों को काटने लगा, मेरे निपल को चूसने लगा। मैं भी अब उसके नीचे लेट कर तड़फ़ने लगा, मचलने लगा।

मैंने टाँगें चौड़ी कर लीं और वो बीच में बैठ गया। मैंने अपनी कमर के नीचे हल्की सी गद्दी रख ली जिससे मेरा छेद उसके सामने खुल कर आ गया। मैंने ढ़ेर सारा थूक निकाल उसके लंड पर लगाया और कुछ अपनी गांड पर !

वो अपना लंड घिसने लगा, मैं तड़पने लगा वो जानबूझ कर ऐसा कर रहा था। मैंने उसके लंड को छेद पर रखा दिया और उसने अन्दर पेल दिया। चिकनी गांड में लण्ड आराम से घुसता गया और उसने गांड रगड़नी शुरु कर दी। उसके एक एक झटके से जब अन्दर लण्ड टकराता तो मस्ती से मेरी आंखें बंद हो जाती। मैं भी गांड उठा-उठा कर, घुमा-घुमा कर चुदवा रहा था।

मैंने उसका लण्ड निकाल लिया और कुतिया की तरह उसके सामने चूतड़ कर लिए। वो भी कुत्ते की तरह आया और डाल के झटके लगाने लगा। मुझे बहुत आनंद आ रहा था। फिर मैं उसके लंड पर बैठ खुद चुदने लगा।

वाह वाह ! और ! और रगड़ दे मेरे राजा ! और रगड़ !

उसने मुझे एकदम पलटा और नीचे डाल कर तेज़ तेज़ झटके देने लगा। उसका काम तमाम होने वाला था, वो तूफ़ान की तरह मुझे चोद रहा था। अब तो दर्द भी होने लगा। तभी एकदम से उसने मुझे भींच लिया, अपने सारे अमृत रस की गर्म फुहार से सारा दर्द, खुजली उड़ा दी।

उसके बाद आये दिन मौका देख वो दोपहर को आता और मुझे चोदता !

सो दोस्तो, यह था एक और मस्त लंड जो मेरी गांड में घुसा।

उम्मीद है कि पहले की तरह मुझे प्यार मिलेगा।

मुझे पहले की तरह याहू मैसंजर पर ऐड करके वेबकैम पर मेरे जिस्म को देखना, मौका देख कहीं मिलकर प्यास बुझा लेंगे !

Dick_lover19@yahoomail.com

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